Seingol – सेंगोल

नवीन लोकतंत्र के मंदिर में 

विधिवत स्थापित 

सेंगोल

इसके समक्ष विराजमान

 पक्ष और विपक्ष के

 राजनेताओं के मन मस्तिष्क में

 नवीन और दिव्य सकारात्मक ऊर्जा का

 संचार कर 

उनके माध्यम से 

भारत के चहुं दिशाओं में

विकास के पथ पर

बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा।जयहिंद!


मौलिक रचयिता:– नरेन्द्र सिंह राठौड़ (भारत)

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