Shukriya ! Captain Smit Machchhar – शुक्रिया ! कैप्टन स्मित मच्छार
शुक्रिया ! कैप्टन स्मित मच्छार साक्षात् बजरंग बली आप में हैं विराजमान जिहादी गिराना चाहता था उड़ान लेना चाहता था वो निर्दोषों की जान जिहादी कर रहा था कैप्टन स्मित पे प्रहार ही प्रहार पता नहीं किस मजहब में जिहादी को मिलता होगा मानवता को शर्मशार करने वाले के स्वागत में होकर खड़ा बहतर हूरों द्वारा जान लेकर जान देने वाले को जन्नत में देता होगा अपने बगल में बैठाकर सम्मान जिस जीवन का मालिक है पर्वताधिकार चुपचाप बैठा कैसे लेने देगा राम भक्त बजरंग बली और उनके चहेतो की जान कैप्टन स्मित मच्छार आप है महान बढ़ाई आपने मानवता की शान जान बचाए वो है इन्सान निर्दोषों की जो ले जान वो है केवल एक शैतान रब देते है दोज़ख में उसे स्थान शुक्रिया! कैप्टन स्मित मच्छार साक्षात् बजरंग बली आप में हैं विराजमान। मौलिक रचयिता:– नरेन्द्र सिंह राठौड़ (भारत)