Jindgi ke din hai thode जिंदगी के दिन हैं थोड़े life's days are few

 जिंदगी के दिन हैं  थोड़े 

आओ !ईश्वर को सब  हाथ जोड़े 

हथियारों  की  होड़  छोड़े 

शांति को  पाने संग -संग  दौड़े 


वार्ता के द्वार खोले 

मित्रता की जय बोले 

जिंदगी को  सबके लिए खोले 

हीरों में  एक -दूजे को तोले 


मार्ग से हटाएँ  शोले 

फूलों के बरसाएँ गोले 

खाली नहीं रहें कोने 

कदम बढ़ाए एक दूजे  का होने 


आराम के लिए  बिछाएँ  बिछौने 

भोजन के लिए लगाएं  पातळ दोने 

स्वागत के लिए द्वार खोले 

निकले सब शांति का बीज बोने 


निकलों  मत  शान्ति  को खोने 

आओ ! मतभेद की  दीवारें तोड़े 

प्रेम की खेती करे होले -होले 

ईश्वर लगाएंगे गले दौड़े -दौड़े 


:- नरेन्द्र सिंह  राठौड़ (भारत )


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