Parkota–परकोटा

परकोटे के भीतर 

अपना संसार बसा कर रखता था

तुम सोचते हो

मुगलों से संबंध बना रखा था

यह तो उनकी दूरदर्शिता थी 

नापाक निगाहों से 

सांस्कृतिक ताने –बाने को

अपने कंधों पर 

बचा कर रखा था

अब मत कहना राजपूतों ने 

मुगलों से संबंध बना रखा था।


मौलिक रचयिता:– नरेन्द्र सिंह राठौड़ (भारत)

Comments