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" ए जिंदगी तू ही बता तू क्या है? जिंदगी ने कहकशा लगाकर कहा , " मैं :– पेट की भूख , मुंह का पानी, खून की रवानी, श्वांसो की डोर , जज़्बातों का छोर और कुछ नहीं ।" मौलिक रचयिता:–नरेन्द्र सिंह राठौड़ (भारत )
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Kisan ka jeevan geet -किसान का जीवन गीत
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Chhod fauji apna pariwar -छोड़ फ़ौजी अपना परिवार सरहद पे बुलाए तेरा वतन !
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ma meri ma tu kitni pyari hai -मां मेरी मां तू कितनी प्यारी है
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Man tu itna kyon ghabraye -मन तू इतना क्यों घबराए
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Manva pyar karta chal -मनवा प्यार करता चल
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